ईश्वर की पहचान

ईश्वर की पहचान यूँ चला हत्याओं का दौर कुछ— ज़िन्दगी घबराने लगी; धर्म, जाति, कुल, वंश— सबमें मृत्यु नज़र आने लगी। मनुष्य, मनुष्यता का कत्ल कर के वीर कहलाने लगा; इंसान को इंसान में दैत्य नज़र आने लगा। मेरी आत्मा रोई— आँसू टपका न सकी; सभी अपने ही से लगे— कौन भिन्न था, बता न […]
मोती

“मोती” (1987) — प्रेम, वर्षा, स्पर्श और स्मृति के कोमल बिंबों से रचा एक खूबसूरत प्रेम–गीत; जिसमें शब्द मोतियों की तरह पिरो कर उभरते हैं।
Aam Nahin Hai Yeh Rishta Hamara Page 1
आम नहीं है यह रिश्ता हमारा पृष्ठ- 1 आम नहीं हा यह रिश्ता हमारा । मैंने कहा जानती हो तुम भी तो, कि आम नहीं है यह रिश्ता हमारा, खास है। बाहों में है प्रिया मेरी, दिल उसका मेरे पास है। नहीं बदलेगा यह मंज़र कभी, मेरा विश्वास है। वह बोली- हाँ, हमारा रिश्ता कोई […]
Hari Shawl Odhe
हरी शॉल ओढ़े पृष्ठ- 1 “मेरे लिए तो ज़िन्दगी उसी दिन ठहर गई थी तुम मुझे छोड़ के जिस दिन, जिस पहर गई थी। अब भी याद आती हो वही हरी शॉल ओढ़े देख कर मुझे दूर से मुस्कुराती हो और वही मैं शर्माया सा खड़ा हूँ दूर कोने में नमस्कार की मुद्रा में हाथ […]
Grihasth Ashram Page 1
गृहस्थ आश्रम पृष्ठ 1/20 अध्याय 1 – बीवी को पत्र तुम जब से गई हो मायके मेरी प्रेरणा भी चली गई है, मुझसे तो मेरी कविता, रूठ ही गई है। बैठा रहता हूँ दिन भर, सोचता रहता हूँ। एकांत में अपने को, कोसता रहता हूँ। तुम न जाती तो शायद, प्रेरणा भी न जाती। मुझसे […]
Allergy Test Page 1
एलर्जी टेस्ट पृष्ठ 1/3 मुझसे बोली मेरी बीवीसुनो कहता है डॉक्टर,कि मुझको है एलर्जी मैं चौंका, चकरायाबोला, पति-पत्नी के झगड़े में,ये साला डॉक्टर कहाँ से टपक आया। मैंने कहा, अब इन छुट-पुट झगड़ों मेंतुम जा कर सलाह डॉक्टरों से लोगी,तो फिर आपस में एक दूसरे के लिए,एलर्जी ही तो होगी। -. फिर […]
Moonchh Page 1
मूँछ पृष्ठ 1/4 मूँछ समृद्धि की द्योतक है, साहब आप की मूँछ उतनी ही यह प्रतिभाशाली, जितनी स्वान की पूँछ इस बात में ज़रा न शक है, कि शक्ल आप की बनी इसी से रोचक है। हल्का सा मुँह ऊपर कर, कनखियों से तकते हो जब इच्छा होती तब मेरी प्रबल, तुम्हारी चोंचदार और नोकीली […]
Abhootpoorv Kavi Page 1
अभूतपूर्व कवि पृष्ठ 1/7 जब मेरी कविता कहने की बारी आई, काफी लोग घर जा चुके थे। जो कुर्सियों पर अटके थे, सुस्ता चुके थे। नींद मुझे भी थी आई, मैंने ली एक जम्हाई, और कहा, मेरे जागते और सोते हुए भाइयों। या तो कविता हो ऐसी, कि दुनिया हँस-हँस के दोहरी हो […]
Waiter Miyaan
वेटर मियाँ शादी के कुछ दिन बाद हिम्मत करमैंने कहा अपनी पत्नी से –आज फिर हो जाए कुछ खाना…वो लजाई, थोड़ा मुस्कुराई, फिर बोली –“फिल्मी कि ग़ैर-फिल्मी?” उत्तर से मैं चौंका,फिर भी शॉक को दबाए बोला –“वही, जो तुम्हारे मन को भाए…आज तो हो ही जाए।” थोड़ा सोचकर, गला साफ कर, वो बोली –“क्या गाना […]